मैं प्यार भी दूंगी, दुलार भी दूंगी,
सार भी दूंगी, ये संसार भी दूंगी,
मुसीबत के समयदेश के लिये जिंदगी वार भी दूंगी,
इसलिए मत मारो मुझे|
मैं इज्जत भी दूंगी, जन्नत भी दूंगी,
सोहरत भी दूंगी, ताकत भी दूंगी,
मोका मिला तो
हर सपना हकीकत कर दूंगी,
इसलिए मत मारो मुझे|
पढूंगी, लिखूंगी अफसर बन जाऊँगी,
पर तुम्हारे सामने सदा शीश झुकाऊँगी
और समय आने पर
घर को स्वर्ग बनाउंगी,
इसलिए मत मारो मुझे|
अगर किसी कारणवस रह गई अनपढ़,
तो भी घर का सारा काम करवाउंगी,
गिनकर रात के तारों को,
तुमको अच्छी नींद सुलाऊँगी,
इसलिए मत मारो मुझे अपनी कोख से,,,,,,,,,,!!