हजारो निर्दोष लोगो के हथियारे कसाब को फांसी हो चुकी है !
मान लो एक खास संप्रदाय के लोग उसे शहीद का दर्जा दे देते है !
और उसकी मजार बना देते है फिर वहाँ रोज माथाटेकना शुरू कर देते है 10-15 साल बाद भीड़ को देखते हुए हिन्दू भी वहाँ माथा टेकने लग जाते है !!
और 30 -35 साल बाद वह मजार (कसाब बाबा की मजार ) के नाम से प्रचलित हो जाती है प्रतिदिन सैंकड़ों हिन्दू आते है माथा टेकते है ,मन्नते मांगते है ! 60-65 साल बाद लोग कसाबका इतिहास भुला चुके होते है और तब कई तरह की अफवाए फैलाई जा चुकी होती है की कसाब तो राम केअवतार थे फलाना थे डमाका थे , उन्होने ये चमत्कार किए थे !और एक दिन कोई संत कसाब की पुजा करने को गलत बताता है और उसे राम ,कृष्ण शिवजी आदि के साथ जोड़ने का विरोध करता है
मान लो एक खास संप्रदाय के लोग उसे शहीद का दर्जा दे देते है !
और उसकी मजार बना देते है फिर वहाँ रोज माथाटेकना शुरू कर देते है 10-15 साल बाद भीड़ को देखते हुए हिन्दू भी वहाँ माथा टेकने लग जाते है !!
और 30 -35 साल बाद वह मजार (कसाब बाबा की मजार ) के नाम से प्रचलित हो जाती है प्रतिदिन सैंकड़ों हिन्दू आते है माथा टेकते है ,मन्नते मांगते है ! 60-65 साल बाद लोग कसाबका इतिहास भुला चुके होते है और तब कई तरह की अफवाए फैलाई जा चुकी होती है की कसाब तो राम केअवतार थे फलाना थे डमाका थे , उन्होने ये चमत्कार किए थे !और एक दिन कोई संत कसाब की पुजा करने को गलत बताता है और उसे राम ,कृष्ण शिवजी आदि के साथ जोड़ने का विरोध करता है
और
तब मूर्ख हिन्दू बिना उस संत की बात सुने बिना कसाब बाबा की मजार का इतिहास पढे उस संत के पुतले फूंकते हैक्या कहेंगे आप इसे ?
ऊपर लिखी बात अगर आपको कल्पना लगती है तो एक बार ये पढ़ें !!
पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक शहर है,बहराइच ।
बहराइच में हिन्दू समाज का सबसे मुख्य पूजा स्थल है गाजी बाबा की मजार। मूर्ख हिंदू लाखों रूपये हर वर्ष इस पीर पर चढाते है।
इतिहास जानकर, हर व्यक्ति जानता है कि महमूद गजनवी के उत्तरी भारत को १७ बार लूटने व बर्बाद करने के कुछ समय बाद उसका भांजा सलार गाजी भारत को दारूल इस्लाम बनाने के उद्देश्य से भारत पर चढ़ आया ।
(कुरान के अनुसार दर-उल -इस्लाम = 100% मुस्लिम जनसँख्या )
वह पंजाब ,सिंध, आज के उत्तर प्रदेश को रोंद्ता हुआ बहराइच तक जा पंहुचा।
रास्ते में उसने लाखों हिन्दुओं का कत्लेआम कराया,लाखों हिंदू औरतों के बलात्कार हुए, हजारों मन्दिर तोड़ डाले।
राह में उसे एक भी ऐसा हिन्दू वीर नही मिला जो उसका मान मर्दन कर सके। इस्लाम की जेहाद की आंधी को रोक सके।
परंतु बहराइच के राजा सुहेल देव राजभार ने उसको थामने का बीडा उठाया ।
वे अपनी सेना के साथ सलार गाजी के हत्याकांड को रोकने के लिए जा पहुंचे ।
महाराजा व हिन्दू वीरों ने सलार गाजीव उसकी दानवी सेना को मूली गाजर की तरह काट डाला । सलार गाजी मारा गया। उसकी भागती सेना के एक एक हत्यारे को काट डाला गया।
हिंदू ह्रदय राजा सुहेल देव राजभार ने अपने धर्म का पालन करते हुए, सलार गाजी को इस्लाम के अनुसार कब्र में दफ़न करा दिया।
कुछ समय पश्चात् तुगलक वंश के आने पर फीरोज तुगलक ने सलारगाजी को इस्लाम का सच्चा संत सिपाही घोषित करते हुए उसकी मजार बनवा दी।
आज उसी हिन्दुओं के हत्यारे, हिंदू औरतों के बलातकारी ,मूर्ती भंजन दानव को हिंदू समाज एक देवता की तरह पूजता है।
सलार गाजी हिन्दुओं का गाजी बाबा हो गया है।
हिंदू वीर शिरोमणि सुहेल देव भुला दिए गएँ है और सलार गाजी हिन्दुओं का भगवन बनकर हिन्दू समाज का पूजनीय हो गया है।
अब गाजी की मजार पूजने वाले ,ऐसे हिन्दुओं को मूर्ख न कहे तो क्या कहें ?
जिन भाइयों को इसके लिए लिंक चाहिए उनके लिए -
http://jhindu.blogspot.in/2012/01/blog-post_6336.html
ॐ शांति
तब मूर्ख हिन्दू बिना उस संत की बात सुने बिना कसाब बाबा की मजार का इतिहास पढे उस संत के पुतले फूंकते हैक्या कहेंगे आप इसे ?
ऊपर लिखी बात अगर आपको कल्पना लगती है तो एक बार ये पढ़ें !!
पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक शहर है,बहराइच ।
बहराइच में हिन्दू समाज का सबसे मुख्य पूजा स्थल है गाजी बाबा की मजार। मूर्ख हिंदू लाखों रूपये हर वर्ष इस पीर पर चढाते है।
इतिहास जानकर, हर व्यक्ति जानता है कि महमूद गजनवी के उत्तरी भारत को १७ बार लूटने व बर्बाद करने के कुछ समय बाद उसका भांजा सलार गाजी भारत को दारूल इस्लाम बनाने के उद्देश्य से भारत पर चढ़ आया ।
(कुरान के अनुसार दर-उल -इस्लाम = 100% मुस्लिम जनसँख्या )
वह पंजाब ,सिंध, आज के उत्तर प्रदेश को रोंद्ता हुआ बहराइच तक जा पंहुचा।
रास्ते में उसने लाखों हिन्दुओं का कत्लेआम कराया,लाखों हिंदू औरतों के बलात्कार हुए, हजारों मन्दिर तोड़ डाले।
राह में उसे एक भी ऐसा हिन्दू वीर नही मिला जो उसका मान मर्दन कर सके। इस्लाम की जेहाद की आंधी को रोक सके।
परंतु बहराइच के राजा सुहेल देव राजभार ने उसको थामने का बीडा उठाया ।
वे अपनी सेना के साथ सलार गाजी के हत्याकांड को रोकने के लिए जा पहुंचे ।
महाराजा व हिन्दू वीरों ने सलार गाजीव उसकी दानवी सेना को मूली गाजर की तरह काट डाला । सलार गाजी मारा गया। उसकी भागती सेना के एक एक हत्यारे को काट डाला गया।
हिंदू ह्रदय राजा सुहेल देव राजभार ने अपने धर्म का पालन करते हुए, सलार गाजी को इस्लाम के अनुसार कब्र में दफ़न करा दिया।
कुछ समय पश्चात् तुगलक वंश के आने पर फीरोज तुगलक ने सलारगाजी को इस्लाम का सच्चा संत सिपाही घोषित करते हुए उसकी मजार बनवा दी।
आज उसी हिन्दुओं के हत्यारे, हिंदू औरतों के बलातकारी ,मूर्ती भंजन दानव को हिंदू समाज एक देवता की तरह पूजता है।
सलार गाजी हिन्दुओं का गाजी बाबा हो गया है।
हिंदू वीर शिरोमणि सुहेल देव भुला दिए गएँ है और सलार गाजी हिन्दुओं का भगवन बनकर हिन्दू समाज का पूजनीय हो गया है।
अब गाजी की मजार पूजने वाले ,ऐसे हिन्दुओं को मूर्ख न कहे तो क्या कहें ?
जिन भाइयों को इसके लिए लिंक चाहिए उनके लिए -
http://jhindu.blogspot.in/2012/01/blog-post_6336.html
ॐ शांति
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