अगर इंसान सीखना चाहे तो इनको सुनकर ही ये सीख सकता है कि आदर्श जीवन कैसा होता है और वैसा ही जीवन जीने का प्रयास कर सकता है |
किस किस तरह से बाबा रामदेव देश की भलाई के कार्यों में कार्यरत है अगर उसका मूल्याङ्कन करे तो हम पाएंगे शायद सरकारों ने भी देश का उतना भला नहीं किया होगा जितनी इस अकेले व्यक्ति के विचारों ने और इस अकेले व्यक्ति के संकल्प ने देश के लिए और देशवासियों के लिए किया है |
१. स्वदेशी आन्दोलन का मूर्त रूप पतंजलि के पदार्थ -
बाबा ने जो स्वदेशी के कार्यो को आगे बढाया है उसका परिणाम अब नज़र आने लगा है जब FMCG के क्षेत्र में पतंजलि देश की एक सबसे बड़ी कंपनी बन गयी है और अभी अभी उसने फ्यूचर ग्रुप से गठबंधन किया है जिसके माध्यम से भारतीय जनमानस को उच्च गुणवत्ता के दैनिक और विशेष जरुरत सभी पदार्थ अब बिग बाज़ार जैसे रिटेल स्टोर्स पर भी उपलब्ध होंगे | अभी हमको महंगे विदेशी पदार्थो को झेलने की आवश्यकता नहीं है क्यूंकि विदेशी खाद्य पदार्थो पर तो ये तक नहीं लिखा रहता कि वो किस किस मूल तत्व से मिलकर बना है और उसके बहाने हमें जो खिलाया जाता है उसका कुछ भी विश्वास नहीं होता कि उसमे हमारी पूज्य गौमाता की चर्बी का प्रयोग हुआ होता है | लेकिन पतंजलि के पदार्थो के लेबल पर सभी मूल तत्व विस्तार से मात्रा के साथ लिखे रहते है और ये पूरी तरह जांच के बाद ही हम तक आते है जो पूरी तरह प्रमाणित होते है | सभी विदेशी कंपनियों के पैर अब उखड़ने लगे है और उनको अपने सभी पदार्थो की कीमत अब एक एक करके पतंजलि के पदार्थो की वजह से कम करनी पड़ रही है | जब हमारे पास स्वदेशी विकल्प मौजूद है तो क्यूँ हम विदेशी पदार्थो का प्रयोग करेंगे भाई | आज 2000 करोड़ का टर्नओवर हो गया है पतंजलि का जो आगे चल कर बढ़ता ही जायेगा | जिस स्वदेशी की परिकल्पना देश के स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आज़ादी के लड़ते हुए की होगी उसी का मूर्त रूप है बाबा रामदेव के पतांजलि के पदार्थ |
२. शिक्षा के क्षेत्र में आचार्यकुलम की स्थापना करके जिस तरह से बाबा रामदेव एक पूर्ण स्वदेशी शिक्षा की आधारशिला भारत भर में रखने की तरफ अग्रसर है इस तरह से तो भारत सरकार भी हमारे लिए कार्य नहीं कर रही है | आने वाले समय में 500 आचार्यकुलम भारत के हर नगर में खोलने का विचार बाबाजी दे ही चुके है और जिस पर कार्य चल ही रहा है | इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज भी चल रहा है हरिद्वार में |
३. स्वास्थ्य के क्षेत्र में - योग और आयुर्वेद को जिस तरह से प्रथम स्थान पर रखकर आज तक बाबा रामदेव और आचार्य बाल कृष्ण जी ने आज देश के जनमानस को स्वस्थ रहने का एक मजबूत विकल्प प्रदान किया है वो सिर्फ और सिर्फ उनके ही बस की बात है | ये सब किसी सरकार के बस में नहीं है क्यूंकि संकल्प की शक्ति तो सिर्फ एक योगी में ही हो सकती है जो सबका भला करने के लिए ही इस धरा पर अवतरित होते है वो भ बदले में बिना कुछ चाहे | जिस तरह से सूर्य अपनी गर्मी और रौशनी हम सभी को बिना किसी बिजली के बिल के प्रदान करता है उसी तरह से एक ऋषि एक योगी व्यक्ति इस तरह के विचारों से देश के जनमानस को ओतप्रोत कर देता है जिससे वो अपना और अंततः समाज का भला करने की तरह अग्रसर हो, उसी तरह से बाबा रामदेव ने हम सभी के विचारों को आंदोलित किया जिनकी प्रेरणा से हम सभी सुबह सुबह योग करने को प्रेरित हुए और स्वस्थ रहते हुए देश सेवा के लिए भी प्रेरित हुए |
४. राजनीती के क्षेत्र में - पूरे देश में योग शिविरों के माध्यम से २०१४ के लोकसभा चुनावों के समय देश को काली कांग्रेस की काली करतूतों को बताने का दुर्लभ कार्य करके जो स्वामी जी ने देश को मोदी के नेतृत्व में देश की राजनीती में एक स्वच्छ राजनीती का विकल्प देश को दिया उसके लिए देश का जनमानस उनका ऋणी रहेगा | जिस तरह से देश के बड़े बड़े ऋषि मुनियों ने देश को मोदी नेतृत्व को सौपने के लिए स्वामीजी के नेतृत्व में मुहीम चलायी और स्वामी जी ने जिस तरह से 9 माह तक लगातार यात्रा करके ये संकल्प लिया कि वो तब तक पतंजलि योगपीठ नहीं जायेंगे जब तब देश की राजनीती का रुख न मोड़ दे और जब 9 माह पश्चात ये सुनिश्चित हो गया कि अब देश का नेतृत्व एक सुरक्षित हाथों में एक देशभक्त मोदी जैसे राज ऋषि के हाथो में है तब ही उन्होंने पतंजलि योगपीठ का रुख किया नहीं तो वो लगातार देश में अलख जागते रहे दिन रात घूम घूम कर पूरे देश में जनसभा कर कर के |
५. देश की संस्कृति को बचाने के लिए अपने जैसे 500 ऋषि ऋषिकायों को प्रशिक्षित कर रहे है जो सेवावृति बन कर आगे चल कर देश को जगायेंगे और हमारी भारतीय संस्कृति को जनमानस में बढ़ने का कार्य करेंगे |
इसके अलावा भी बहुत से प्रकल्पो पर पतंजलि योगपीठ कार्यरत है देश सेवा में |
ॐ
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